मीटिंग की आवाज़ को बोलते-बोलते टेक्स्ट में बदलता है
दोनों तरफ़ की आवाज़ एक साथ, बोलने वाले अलग-अलग, कॉल ख़त्म होने का इंतज़ार किए बिना। मीटिंग में बॉट नहीं आता — आवाज़ सीधे सिस्टम ऑडियो से ली जाती है।
हर महीने 60 मिनट मुफ़्त · कार्ड की ज़रूरत नहीं
आपकी बात और सामने वाले की बात अलग-अलग बहती है।
कंपनी, व्यक्ति और उत्पाद के नाम ज्ञान भंडार की वर्तनी से।
वीडियो कॉल हो या फ़ोन — स्पीकर से आवाज़ आ रही हो, बस।
पहले यह साफ़ कर दें
दिशा एक ही है: आवाज़ से टेक्स्ट, टेक्स्ट से आवाज़ नहीं
हिंदी में खोजने पर आवाज़ और टेक्स्ट वाले नतीजे आपस में मिल जाते हैं — बहुत से पन्ने असल में टेक्स्ट से आवाज़ बनाने वाले टूल हैं। Whisperer उल्टी दिशा में काम करता है: बोली गई बात को लिखता है। यहाँ न आवाज़ बनती है, न वॉइस-ओवर।
दूसरा भ्रम फ़ाइल का है। हिंदी में इस विषय की खोज पर ज़्यादातर वही सेवाएँ मिलती हैं जिनमें रिकॉर्डिंग अपलोड करनी होती है। हमारे यहाँ अपलोड भी है — «मीटिंग» सेक्शन में — पर मुख्य बात दूसरी है: टेक्स्ट बातचीत के दौरान ही बनता है।
- रिकॉर्डिंग अपलोड कीजिए, कुछ मिनट बाद टेक्स्ट मिलेगा
- पड़ी हुई फ़ाइलें एक साथ प्रोसेस हो जाती हैं
- बोलते समय कुछ नहीं होता
- टेक्स्ट स्क्रीन पर साथ-साथ जमा होता है
- उसी टेक्स्ट पर तुरंत सवाल पूछा जा सकता है
- सिर्फ़ चल रही बातचीत। फ़ाइल नहीं ली जाती
काम कैसे करता है
आवाज़ कहाँ से आती है
मीटिंग प्लेटफ़ॉर्म से कोई जुड़ाव नहीं है। कंप्यूटर पर बज रही आवाज़ और माइक — दोनों साथ लिए जाते हैं। इसीलिए Zoom, Google Meet, Teams और स्पीकर पर लिया गया फ़ोन कॉल — सबका तरीक़ा एक है। macOS पर सामने वाले की आवाज़ के लिए स्क्रीन रिकॉर्डिंग की अनुमति चाहिए, Windows पर कुछ नहीं चाहिए।
बोलना शुरू करने से पहले सत्र की भाषा चुन लीजिए। हिंदी न चुनी हो तो पहचान साफ़ तौर पर बिगड़ती है।
जो नहीं होता
साफ़-साफ़ तीन बातें
तैयार रिकॉर्डिंग अपलोड की जा सकती है: «मीटिंग» सेक्शन 25 MB तक की एक फ़ाइल लेता है — mp3, m4a, wav, ogg, flac, aac, और साथ ही mp4 व webm, जिनसे ऑडियो ट्रैक लिया जाता है। जो नहीं है, वह है पूरे संग्रह की एकमुश्त अपलोड; और यह उतने ही मिनट ख़र्च करती है जितने लाइव कॉल।
एक ही वाक्य में हिंदी और अंग्रेज़ी मिलने पर त्रुटि दर मापों में 30 से 50 प्रतिशत तक बढ़ जाती है। कारण साफ़ है: सत्र की भाषा शुरू में तय होती है, और बीच में बदली भाषा उसी मॉडल से गुज़रती है। तकनीकी शब्द ज्ञान भंडार में डाल देने से वर्तनी टिकती है, पर पूरी समस्या हल नहीं होती।
कंपनी अधिनियम 2013 की धारा 118 वाला कार्यवृत्त इससे नहीं बनता। उसकी अपनी शर्तें हैं — 30 दिन की समयसीमा, हस्ताक्षर, क्रमांकित पुस्तक और सचिवीय मानक।
आम सवाल
सबसे पहले यही पूछा जाता है
आमने-सामने की मीटिंग चलेगी
लैपटॉप का माइक जितना पकड़ ले, उतनी। पर हमने इसे कंप्यूटर पर होने वाली कॉल के लिए बनाया है, कॉन्फ़्रेंस रूम के बीच में रखने के लिए नहीं।
पूरी अंग्रेज़ी वाली मीटिंग
उसके लिए सत्र की भाषा अंग्रेज़ी चुन लीजिए — तब सटीकता बेहतर रहती है। दिक़्क़त तब आती है जब दोनों भाषाएँ एक ही वाक्य में मिलती हैं।
टेक्स्ट बाहर निकाल सकते हैं
हाँ। मीटिंग ख़त्म होने पर टेक्स्ट और नक्शा दोनों निर्यात किए जा सकते हैं।
अगली कॉल पर एक बार चालू कीजिए
बोलते समय टेक्स्ट बनते देखना और बाद में फ़ाइल अपलोड करना — दो अलग अनुभव हैं।
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